-
1242
छात्र -
1005
छात्राएं -
73
कर्मचारीशैक्षिक: 128
गैर-शैक्षिक: 153
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
केन्द्रीय विद्यालय, आर.के. पुरम सेक्टर- II लगभग एक वरिष्ठ माध्यमिक सह-शिक्षा विद्यालय है। 1990 छात्र और 102 योग्य और अनुभवी स्टाफ सदस्य। इसे अग्रणी विद्यालयों में से एक होने का गौरव प्राप्त है क्योंकि यह दिल्ली के सबसे पुराने केन्द्रीय विद्यालयों में से एक है।
1964 (शिफ्ट-1) में अपनी स्थापना के बाद से, विद्यालय ने सभी दिशाओं में जबरदस्त प्रगति की है।और इंटरनेट की नवीनतम तकनीकों के माध्यम से शिक्षा प्रदान करता है।
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए; केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करना और बढ़ावा देना...
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए; केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करना और बढ़ावा देना...
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री वरुण मित्र
उपायुक्त केवीएस दिल्ली क्षेत्र
“शिक्षा सोच को आकार देती है, चरित्र का निर्माण करती है और राष्ट्र को मज़बूत बनाती है।” तेज़ी से हो रही तकनीकी प्रगति और अभूतपूर्व बदलावों के इस दौर में, शिक्षा केवल ज्ञान हासिल करने तक सीमित नहीं है; यह चरित्र, रचनात्मकता, क्षमता और संवेदना को विकसित करने का माध्यम है। केंद्रीय विद्यालय संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली, उत्कृष्टता के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के साथ, एक प्रगतिशील, समावेशी और जागरूक भारत की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहा है। केंद्रीय विद्यालय हमेशा से ही सीखने, अनुशासन, विविधता और राष्ट्रीय एकता के जीवित उदाहरण रहे हैं, जहाँ पढ़ाई-लिखाई में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ-साथ खेल, कला, संस्कृति, टेक्नोलॉजी और जीवन-कौशल पर भी ध्यान दिया जाता है। हमारी कोशिश ऐसे नागरिक तैयार करने की है जो आत्मविश्वासी, संवेदनशील, मुश्किलों का सामना करने वाले, ज़िम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार हों। इस सोच को ध्यान में रखते हुए, हमारे विद्यालय, शिक्षा का ऐसा श्रोत हैं जहाँ बच्चे सवाल पूछतें है , प्रयोग करते है , नई चीज़ें खोजते है , मिलकर काम करते है और कुछ नया सिखते और बनाते हैं । नई टेक्नोलॉजी नन्ही सोंच को सीखने में मदद करती है और शिक्षक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते है जो शिक्षार्थी को ज्ञान और उनके सपनों को कामयाबी में बदलने के लिए प्रेरित करते है। शिक्षक भविष्य के निर्माता और बदलाव लाने वाले होते हैं। नई शिक्षा निति 2020 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनका लगातार प्रोफेशनल डेवलपमेंट, पढ़ाने का नया और अनोखा तरीका और हर सीखने वाले के प्रति समर्पण बहुत ज़रूरी है। जैसे-जैसे हम ‘विकसित भारत’ के विज़न की ओर बढ़ रहे हैं, आइए हम हर केंद्रीय विद्यालय को क्रिएटिविटी, अच्छे चरित्र और क्षमता का केंद्र बनाने का संकल्प लें, जहाँ हर बच्चा अपनी काबिलियत को पहचाने और हर शिक्षक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करने में सक्षम हो। आइए, हम पूरे विश्वास, सहयोग और प्रतिबद्धता के साथ मिलकर एक ऐसा शैक्षिक माहौल बनाएं जहाँ हर सीखने वाला आगे बढ़ सके, हर प्रतिभा को निखरने का मौका मिले,हर सपने को सही दिशा मिले और वह सफलता के नए शिखरों को छुएँ। केन्द्रीय विद्यालय संगठन एक समृद्ध, प्रेरणादायी एवं समावेशी शिक्षण वातावरण प्रदान करता है, जहाँ विद्यार्थी अपने सपनों को साकार करने, अपनी प्रतिभा को निखारने तथा ज्ञान, कौशल और मूल्यों से सुसज्जित होकर अपने उज्ज्वल भविष्य को आकार देने के लिए निरंतर प्रेरित होते हैं। मैं, सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सफल एवं सार्थक भविष्य की हार्दिक मंगलकामना करता हूँ। वे लगातार सीखते रहें, आगे बढ़ें, बेहतरीन प्रदर्शन करें और देश के विकास में सार्थक योगदान दें। जय हिंद!
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श्री सत्य नारायण
प्राचार्य
आप में से एक के रूप में, मैं समझता हूं और हमारे सामने सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य की सराहना करता हूं। एक बच्चे की नियति को आकार देना हममें से प्रत्येक के लिए बहुत गर्व की बात है। शिक्षा का मुख्य उद्देश्य दुनिया में अन्य जीवों के साथ अपने स्वयं के भीतर सद्भाव और सद्भाव में प्रत्येक व्यक्ति में एक दुगुनी सद्भाव की स्थापना है। इसलिए हमारा लक्ष्य हमेशा पाठ्यचर्या और सह-पाठयक्रम गतिविधियों के माध्यम से व्यक्तित्व संवर्धन रहा है। शिक्षण एक कैरियर या एक पेशे से बहुत अधिक है। यह (शिक्षण) एक जिम्मेदार नागरिक में बच्चे को ढालने और आकार देने की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मुझे यकीन है कि मेरे छात्र समाज के उत्पादक, बुद्धिमान और ईमानदार नागरिक बनेंगे। वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए माता-पिता की सक्रिय भागीदारी और सहयोग बेहद आवश्यक होगा। हम उत्कृष्टता के लिए नए उत्साह की तलाश करने के लिए इन-डोमेस्ड उत्साह के साथ प्रयास करते हैं ताकि हमारे छात्रों को आत्म-संयमित हो सकें और प्रतिस्पर्धा के वर्तमान युग में उड़ान के रंगों के साथ बाहर आ सकें। सत्य नारायण प्रधानाचार्य
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- रजिस्ट्रेशन लिंक वोकेशनल इंस्ट्रक्टर के लिए वॉक-इन इंटरव्यू हेतु
- रजिस्ट्रेशन लिंक वोकेशनल इंस्ट्रक्टर के लिए वॉक-इन इंटरव्यू हेतु
- वोकेशनल इंस्ट्रक्टर 2026 के लिए वॉक-इन इंटरव्यू
- कक्षा XII में प्रवेश हेतु रिक्तियाँ – वर्ष 2026 वाणिज्य : प्रथम एवं द्वितीय पाली में रिक्त सीटें। मानविकी: केवल द्वितीय पाली में रिक्त सीटें।
- सत्र 2026-27 के लिए कक्षा XI (कॉमर्स स्ट्रीम) में दाखिले की सूचना
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